लालबाग पुलिस की त्वरित कार्यवाही से लापता नाबालिग बच्ची को सूचना के महज 1 घंटे के भीतर सुरक्षित तलाशा कर परिजनों को सौंपा

साइबर सेल की मदद और सटीक रणनीति से पुलिस ने दिखाया मुस्तैदी का अनूठा उदाहरण दो दिनों से भटक रही 15 वर्षीय बालिका को किया दस्तयाब।
पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष बागड़ी के कुशल निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश, नगर पुलिस अधीक्षक श्री गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत थाना लालबाग पुलिस ने बाल सुरक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय देते हुए, परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के मात्र एक घंटे के भीतर एक लापता 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब (बरामद) करने में बड़ी सफलता हासिल की है। दो दिनों से बिना बताए घर से निकली बालिका को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखों में आंसू छलक आए और उन्होंने पुलिस प्रशासन की इस त्वरित संवेदनशीलता के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
*त्वरित एक्शन*: थाने में शिकायत दर्ज होने के मात्र 60 मिनट के भीतर पुलिस टीम ने की सफल बरामदगी।
*तकनीकी समन्वय*: साइबर सेल के सहयोग से मोबाइल लोकेशन को तुरंत ट्रैक कर सटीक दिशा में की गई कार्यवाही।
*सुरक्षित सुपुर्दगी*: बरामदगी के तुरंत बाद कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर बच्ची को उसकी माता और नानी के सुपुर्द किया गया।
सुरक्षा संकल्प: “महिला, बालक एवं बालिका सुरक्षा” के तहत क्षेत्र में पुलिस के निरंतर जारी सफलतम प्रयासों की एक और मजबूत कड़ी।
*घटना का क्रम* पीड़ित फरियादिया (बालिका की माता) ने अत्यंत व्याकुल स्थिति में थाना लालबाग उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री अवनी (बदला हुआ नाम) करीब दो दिन पूर्व घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। वह अपने साथ नानी का मोबाइल फोन भी ले गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर सगे-संबंधियों और संभावित स्थानों पर बच्ची की काफी खोजबीन की, किंतु कोई सुराग न मिलने पर अंततः निराश होकर उन्होंने पुलिस की शरण ली।
*पुलिस की कार्यवाही*:नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी ने बिना एक क्षण गंवाए तुरंत एक्शन प्लान तैयार किया। फरियादिया द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर को तत्काल साइबर सेल से संबद्ध कर उसकी लाइव लोकेशन प्राप्त की गई। जैसे ही तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध क्षेत्र की लोकेशन प्राप्त हुई, थाना प्रभारी ने तत्काल एक विशेष टीम को फील्ड के लिए रवाना किया।
टीम के सदस्य प्रधान आरक्षक शफीउद्दीन खान और आरक्षक नितेश सपकाडे ने प्राप्त लोकेशन के आधार पर चिन्हित क्षेत्र में मैं पहुंच कर बालिका को व्यावसायिक सूझबूझ का परिणाम यह रहा कि सूचना के महज एक घंटे के भीतर बालिका को शहर के एक कपड़े की दुकान के सामने सकुशल ढूंढ निकाला गया।बालिका को सुरक्षित थाने लाने के उपरांत पुलिस अधिकारियों द्वारा उसकी उचित काउंसिलिंग की गई और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसके तत्काल बाद बालिका की माता और नानी को थाने बुलवाकर बच्ची को आधिकारिक रूप से उनके सुपुर्द कर दिया गया। पिछले दो दिनों से गहरे तनाव और चिंता से जूझ रहे परिवार के चेहरे पर बच्ची को सुरक्षित देखकर राहत की मुस्कान लौट आई। परिजनों ने लालबाग पुलिस की इस कर्तव्यपरायणता और ‘मित्र पुलिस’ की वास्तविक छवि की मुक्तकंठ से सराहना की।
*सराहनीय भूमिक*:निरी. अमित सिंह जादौन, प्र. आर. 58 शफीउद्दीन, म.आर. 351 वंदना मुजाल्दे, आर. 107 नितेश सपकाडे की सराहनीय भूमिका रही।
